
अलीम इनामदार,
राज्य में गैर-मराठी रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा आसानी से बोलने, समझने और रोजमर्रा के व्यवहार में प्रभावी रूप से उपयोग करने के लिए परिवहन विभाग द्वारा व्यापक मराठी शिक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस पहल में रिक्शा-टैक्सी संगठनों से सक्रिय भागीदारी और आगे आकर सहयोग करने की अपील की गई है।
मंत्रालय में आयोजित विशेष बैठक में राज्य के विभिन्न रिक्शा और टैक्सी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मराठी भाषा शिक्षण अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में परिवहन आयुक्त राजेश नार्वेकर सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
चालकों को व्यवहारिक मराठी सिखाने के लिए प्रतिदिन चार घंटे का ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। मराठी संवाद कौशल विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा, वहीं ऑनलाइन प्रशिक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी और आसान बनाने के लिए विभिन्न शाखा कार्यालयों में विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
मुंबई, ठाणे, डोंबिवली, नवी मुंबई, वसई-विरार, पालघर और डहाणू क्षेत्रों में प्रारंभिक चरण में प्रशिक्षण वर्ग शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा कोकण मराठी साहित्य परिषद, मुंबई मराठी साहित्य संघ और विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से भी मराठी सिखाई जाएगी। इस अभियान के लिए लगभग 4500 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी और उन्हें मानधन दिया जाएगा। इसके लिए सरकार द्वारा आवश्यक निधि की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद चालकों की मौखिक परीक्षा ली जाएगी और सफल उम्मीदवारों को सरकार की ओर से आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। साथ ही हिंदी से मराठी अनुवाद और आसान मराठी संवाद सीखने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ऑनलाइन ऐप भी उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऐप के जरिए चालक मराठी शब्द, वाक्य संरचना और दैनिक संवाद आसानी से सीख सकेंगे, जिससे मराठी भाषा का उपयोग और अधिक सरल होगा।
इस पहल से यात्रियों और चालकों के बीच संवाद अधिक प्रभावी होने के साथ मराठी भाषा के प्रचार-प्रसार और उपयोग में भी बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई गई है।
मराठी भाषा सीखने के लिए 15 अगस्त 2026 अंतिम तारीख तय की गई है और इसके बाद किसी भी परिस्थिति में समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी, यह स्पष्ट किया गया है।