
अलीम इनामदार,
मुंबई, प्रतिनिधि। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मुंबई के सभी पंजीकृत पथ विक्रेताओं (फेरीवालों) के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक सूचना जारी करते हुए उन्हें अपने आवेदन का सत्यापन करवाकर क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्राप्त करने का निर्देश दिया है। यह प्रक्रिया माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार शुरू की गई है।
बीएमसी प्रशासन के अनुसार 9 जून 2026 से मुंबई के सभी 26 प्रशासनिक विभाग (वार्ड) कार्यालयों में क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत सभी पंजीकृत पथ विक्रेताओं को अपने संबंधित विभाग कार्यालय में उपस्थित होकर आवेदन का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
महानगरपालिका ने बताया कि मुंबई में कुल 99,435 पंजीकृत पथ विक्रेता हैं, जिनमें से अब तक लगभग 20,000 विक्रेताओं का सत्यापन पूरा किया जा चुका है। सत्यापित विक्रेताओं की सूची संबंधित विभाग कार्यालयों में प्रदर्शित की गई है तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विक्रेता संगठनों को भी उपलब्ध कराई गई है।
सत्यापन प्रक्रिया के लिए पथ विक्रेताओं को आवेदन की रसीद, आधार कार्ड की मूल प्रति तथा पासपोर्ट आकार की दो तस्वीरें साथ लानी होंगी। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किया जाएगा।
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि सभी पंजीकृत पथ विक्रेताओं को 26 जून 2026 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के बाद न तो सत्यापन किया जाएगा और न ही क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएंगे।
महानगरपालिका प्रशासन ने सभी पात्र फेरीवालों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द संबंधित वार्ड कार्यालय में पहुंचकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें और अपना क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्राप्त करें।