
अलीम इनामदार,
मुंबई, 12 जून: मुंबई में जारी 10 प्रतिशत जल कटौती के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने जल आपूर्ति व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की है। अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने गुरुवार को आयोजित बैठक में जल प्रबंधन, पानी चोरी और रिसाव रोकने, वैध जल कनेक्शनों को बढ़ावा देने तथा टैंकरों पर निर्भरता कम करने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में जल भंडार में कमी आने के कारण 15 मई 2026 से पूरे शहर में 10 प्रतिशत जल कटौती लागू की गई है। समीक्षा बैठक में अभिजीत बांगर ने निर्देश दिया कि जल कटौती की व्यवस्था सभी क्षेत्रों में समान रूप से लागू की जाए। साथ ही शहर के अंतिम छोर की बस्तियों, ऊंचाई वाले इलाकों तथा संवेदनशील क्षेत्रों में पानी की अधिक कमी महसूस होने पर टैंकरों के माध्यम से अतिरिक्त जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि जल कटौती की अवधि में संबंधित अभियंता और अधिकारी अपने कार्यक्षेत्र में उपस्थित रहकर स्थिति पर नजर रखें, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से नियमित संवाद बनाए रखें तथा प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान करें।
बैठक में पुरानी और जर्जर जल पाइपलाइनों को बदलने तथा जलापूर्ति क्षमता बढ़ाने के कार्यों पर भी चर्चा हुई। बांगर ने निर्देश दिया कि मानसून के बाद इन परियोजनाओं पर काम शुरू किया जाए। इसके लिए आवश्यक योजना, मंजूरी और निविदा प्रक्रिया अगले दो महीनों में पूरी कर ली जाए। संबंधित कार्यों के आदेश 15 सितंबर 2026 तक जारी कर 1 अक्टूबर 2026 से काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मानसून के सक्रिय होने में हो रही देरी और संभावित एल नीनो प्रभाव के कारण कम वर्षा की आशंका को देखते हुए बीएमसी ने जल प्रबंधन में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करने और पानी की बर्बादी से बचने की अपील की है।
बीएमसी ने विशेष रूप से बड़ी हाउसिंग सोसायटियों और आवासीय परिसरों से भी सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा है कि वे जल कटौती का विरोध करने के बजाय व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन का साथ दें, ताकि संभावित जल संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।