
अलीम इनामदार,
मुंबई, 11 जून: गोरेगांव पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाले नवविस्तारित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में कथित अनियमितता, भ्रष्टाचार और निकृष्ट गुणवत्ता के आरोपों को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) ने आंदोलन का ऐलान किया है।
पार्टी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि हाल ही में जनता के लिए खोले गए इस फ्लाईओवर पर कई स्थानों पर गड्ढे, उबड़-खाबड़ डामरीकरण, दरारें तथा सड़क की सतह से बाहर निकले पत्थर दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा पुल के मध्य भाग में लगाई गई लोहे की जॉइंट प्लेटों से वाहन गुजरने पर कंपन (वाइब्रेशन) महसूस हो रहा है, जिससे भविष्य में दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।
RPI नेताओं का कहना है कि लगभग 750 मीटर लंबे इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य वर्ष 2018 से शुरू हुआ था, जिसे पूरा होने में करीब 8 से 9 वर्ष लगे। साथ ही परियोजना की लागत भी बढ़ी है, जिससे निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पार्टी ने मांग की है कि फ्लाईओवर निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी जांच और ऑडिट कराया जाए, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाए, उसके लंबित बिल रोके जाएं तथा परियोजना की निगरानी करने वाले संबंधित बीएमसी अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।
इन मांगों को लेकर RPI ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे को लिखित ज्ञापन सौंपा है। साथ ही प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए 12 जून को दोपहर 12 बजे गोरेगांव पूर्व स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर परिसर में उग्र प्रदर्शन और रास्ता रोको आंदोलन आयोजित करने की घोषणा की है।
पार्टी ने गोरेगांव के नागरिकों और कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में आंदोलन में शामिल होकर मनपा प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने की अपील की है।