
मुंबई: अलीम इनामदार,
अंधेरी (पूर्व) स्थित ESIC कामगार अस्पताल पिछले कई वर्षों से विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। इस अस्पताल के नवीनीकरण कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यह अभी तक अधूरा है। मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सांसद रविंद्र वायकर ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से मुलाकात कर अस्पताल का काम जल्द पूरा कर इसे पूर्ण क्षमता से शुरू करने की मांग की।
केंद्रीय मंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की गहन जांच कराने, देरी और कथित घोटाले के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने तथा अस्पताल का अधूरा काम जल्द पूरा कर उसे शुरू करने का आश्वासन दिया।
सांसद वायकर ने 9 अप्रैल 2026 को अस्पताल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। यह अस्पताल वर्ष 1985 में राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया था और 2008 में केंद्र सरकार के अधीन आया। हालांकि, पिछले 15 वर्षों से इसका नवीनीकरण कार्य लंबित है। आठ बार टेंडर प्रक्रिया बदलने के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका, जिससे परियोजना की लागत 254 करोड़ रुपये से काफी बढ़ गई है।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि नियमों के अनुसार केवल 2 मंजिल की अनुमति होने के बावजूद 8 मंजिला इमारत का निर्माण किया गया, जिसके कारण अस्पताल को अब तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) नहीं मिल पाया है। 18 दिसंबर 2018 को अस्पताल में लगी आग में 8 लोगों की मौत हुई थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा और नवीनीकरण के मामलों में लापरवाही बरती गई।
इसके बाद सांसद वायकर ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
सांसद द्वारा की गई प्रमुख मांगें:
अस्पताल में IPD (इनडोर पेशेंट) सेवाएं युद्धस्तर पर शुरू की जाएं।
90% पूर्ण ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स को तुरंत चालू किया जाए।
तीसरी और चौथी मंजिल पर प्रशासनिक कार्यालयों की जगह मरीजों के वार्ड शुरू किए जाएं।
कम से कम एक इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर और 5 ICU बेड्स तुरंत शुरू किए जाएं।
पुरानी कर्मचारी कॉलोनी की मरम्मत कर नए कर्मचारियों के लिए आवास की व्यवस्था की जाए।
सांसद वायकर ने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद केवल योजना की कमी के कारण कामगारों को इलाज से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने दोषियों पर कार्रवाई और अस्पताल को जल्द पूर्ण रूप से शुरू करने की मांग की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।