
अलीम इनामदार, मुंबई
मुंबई के कुरार क्षेत्र में नाबालिग बच्ची के साथ हुए गंभीर अपराध के मामले में अदालत ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। वर्ष 2018 में दर्ज इस मामले में आरोपी राकेश विजयनाथ सरोज (उम्र 35 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए विशेष सत्र न्यायालय, दिंडोशी कोर्ट ने सख्त निर्णय दिया।
घटना 11 जुलाई 2018 की है, जब 10 वर्षीय पीड़ित बच्ची अपने घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान आरोपी ने उसे बहला-फुसलाकर अपने घर में ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया और उसके साथ अश्लील हरकत की। विरोध करने पर आरोपी ने बच्ची के साथ मारपीट की और किसी को बताने पर धमकी भी दी।
घटना के बाद बच्ची ने अपने परिवार को जानकारी दी, जिसके आधार पर उसकी मां ने कुरार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज कर आरोपी को 13 जुलाई 2018 को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की जांच पुलिस निरीक्षक मुकुंद पाटिल द्वारा की गई, जिन्होंने ठोस सबूत जुटाकर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद 27 मार्च 2026 को माननीय सत्र न्यायाधीश ए. डी. लोखंडे ने आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10 साल का सश्रम कारावास और अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजा व जुर्माना लगाया है।
इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमित देवतरसे और उषा जाधव ने प्रभावी पैरवी की। कुरार पुलिस की जांच और कानूनी प्रक्रिया को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
