पोईसर-कांदिवली में दहशत फैलाने वाली दरेकर गैंग पर MCOCA की कार्रवाई, मुख्य आरोपी पर 37 गंभीर मामले
अलीम इनामदार, मुंबई के पोईसर-कांदिवली इलाके में कथित तौर पर दहशत फैलाने वाली यमेश दिलीप दरेकर उर्फ ‘दादा’ की गैंग के खिलाफ समतानगर पुलिस…


अलीम इनामदार,
मुंबई के पोईसर-कांदिवली इलाके में कथित तौर पर दहशत फैलाने वाली यमेश दिलीप दरेकर उर्फ ‘दादा’ की गैंग के खिलाफ समतानगर पुलिस ने महाराष्ट्र संघटित गुन्हेगारी नियंत्रण अधिनियम यानी MCOCA के तहत कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक, 15 जून 2026 की रात करीब साढ़े 12 बजे पोईसर, कांदिवली पूर्व इलाके में एक व्यक्ति से हफ्ता नहीं देने के कारण आरोपियों ने मारपीट की। आरोप है कि पीड़ित के कपड़े उतारकर उसके साथ गाली-गलौज की गई और लोहे की रॉड, लकड़ी के स्टंप तथा लात-घूंसों से हमला किया गया। मुख्य आरोपी यमेश दरेकर ने कथित तौर पर पीड़ित के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल किया और जान से मारने की धमकी दी। मौके पर पहुंचे नागरिकों को भी धमकाने का आरोप है।
इस मामले में समतानगर पुलिस ने 15 जून को मामला दर्ज कर रोहित कृष्णप्रताप सिंह और सागर अनिल राठोड को गिरफ्तार किया। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। वहीं मुख्य आरोपी यमेश दिलीप दरेकर उर्फ ‘दादा’ फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पुलिस के अनुसार, यमेश दरेकर के खिलाफ समतानगर पुलिस थाने में कुल 37 गंभीर मामले दर्ज हैं। इनमें हथियार रखने, हत्या के प्रयास, जबरन चोरी, गंभीर मारपीट, धमकी, विनयभंग और घर में घुसकर हमला करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। उसके खिलाफ पहले भी दो बार MPDA के तहत स्थानबद्ध करने और दो बार तड़ीपार की कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस के मुताबिक, गैंग के सदस्य रोहित कृष्णप्रताप सिंह के खिलाफ 13 मामले और सागर अनिल राठोड के खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं। दोनों पर पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि यमेश दरेकर ने अन्य अपराधियों को साथ लेकर एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया और इलाके में दहशत तथा वर्चस्व कायम कर आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए हिंसा का इस्तेमाल किया।
परिमंडल-3 के पुलिस उपायुक्त श्री गजानन शिवलिंग राजमाने के मार्गदर्शन में MCOCA कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बाद MCOCA की धारा 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) के तहत कार्रवाई की अनुमति दी गई।
इस मामले की आगे की जांच सहायक पुलिस आयुक्त श्री कैलास बर्वे कर रहे हैं। समतानगर पुलिस का कहना है कि इलाके में संगठित अपराध, हफ्ता वसूली, दहशत फैलाने वाली गैंग और गंभीर अपराधों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
