
अलीम इनामदार (मुंबई)
महाराष्ट्र राज्य में पुलिस बल की अनुशासन व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) प्रवीण सालुंखे ने 9 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस नए फैसले के तहत अब दोपहिया वाहन चलाने वाले सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
नियम का उल्लंघन करने वालों पर केवल जुर्माना ही नहीं लगाया जाएगा, बल्कि उनके सर्विस रिकॉर्ड (सेवापुस्तक) में भी नकारात्मक एंट्री की जाएगी।
पिछले दशक के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में दोपहिया सवारों की मौत का प्रतिशत 35 से 40 फीसदी तक है। खास बात यह है कि खुद पुलिस कर्मियों में ही हेलमेट पहनने की आदत काफी कम पाई गई, जिसके चलते प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाया है।
ब्लूमबर्ग फिलैंथ्रॉपीज इनिशिएटिव की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई और नागपुर में हेलमेट उपयोग 80% से अधिक है, लेकिन महाराष्ट्र के अन्य शहरों में यह आंकड़ा 20% से भी कम है, जो बेहद चिंता का विषय है।
इस आदेश के तहत सभी पुलिस आयुक्तालयों और जिला पुलिस अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से नियम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194(D) के अनुसार बिना हेलमेट यात्रा करने पर जुर्माना तो लगेगा ही, लेकिन अगर किसी पुलिसकर्मी की बिना हेलमेट तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होती है, तो उस पर और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे मामलों में यह माना जाएगा कि संबंधित कर्मचारी ने जानबूझकर कानून का उल्लंघन किया है, और इसकी आधिकारिक एंट्री उसके सर्विस रिकॉर्ड में दर्ज की जाएगी, जिससे भविष्य में पदोन्नति और सेवा पर असर पड़ सकता है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह है कि कानून लागू कराने वाली पुलिस खुद नियमों का पालन करे और आम जनता के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करे।