
अलीम इनामदार (मुंबई)
उंगली पर लगाई गई स्याही को पोंछने का प्रयास कर मतदाताओं में भ्रम पैदा करना एक कदाचार है। साथ ही, यदि उंगली की स्याही पोंछकर कोई व्यक्ति दोबारा मतदान करने के लिए आता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ऐसा स्पष्टीकरण राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया है।
उंगली की स्याही पोंछकर कोई भी कदाचार करने का प्रयास करे, फिर भी संबंधित मतदाता को दोबारा मतदान करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। इस संबंध में पहले से ही आवश्यक सतर्कता बरती गई है। मतदाता द्वारा मतदान किए जाने के बाद उसका विधिवत रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। इसलिए केवल स्याही पोंछने से कोई भी मतदाता दोबारा मतदान नहीं कर सकता।
इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को पुनः सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदाता की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन के उपयोग संबंधी आदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 19 नवंबर 2011 और 28 नवंबर 2011 को जारी किए गए थे। तब से स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में मतदाताओं की उंगली पर स्याही लगाने के लिए मार्कर पेन का उपयोग किया जा रहा है।
इन आदेशों के अनुसार, मतदाता की उंगली पर स्याही स्पष्ट रूप से दिखाई दे, इस प्रकार मार्कर पेन से स्याही लगाई जानी चाहिए। साथ ही नाखून पर तथा नाखून के ऊपर की त्वचा पर तीन से चार बार रगड़कर स्याही लगाने के निर्देश दिए गए हैं। ये निर्देश पहले भी दिए जा चुके हैं और मार्कर पेन पर भी अंकित हैं।
अतः स्याही पोंछकर कदाचार करने का प्रयास न करें, ऐसा आवाहन राज्य निर्वाचन आयोग ने किया है।