
अलीम इनामदार (बीड),
माजलगांव नगर परिषद के नामांतरण एवं गुंठेवारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार तथा माजलगांव तहसील अंतर्गत निलंबित स्वस्त धान्य (राशन) दुकानों में हुए घोटालों की जांच की मांग को लेकर महाराष्ट्र राज्य बांधकाम कामगार सेना संगठन की ओर से बीड जिलाधिकारी कार्यालय के सामने 25 व 26 जनवरी को दो दिवसीय उपोषण किया गया। प्रजासत्ताक दिन पर यह उपोषण दूसरे दिन भी जारी रहा।
संगठन के माजलगांव तालुका अध्यक्ष नवीदोद्दीन मुस्ताक सिद्दिकी ने दिए गए निवेदन में आरोप लगाया कि माजलगांव नगर परिषद के नामांतरण व गुंठेवारी विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार चल रहा है। बोगस गुंठेवारी, फर्जी नामांतरण, तथा खरीदी-खत तैयार किए जा रहे हैं। यहां तक कि मुख्याधिकारी की कथित डुप्लीकेट हस्ताक्षर से एक ही रसीद पर कई-कई फर्जी गुंठेवारी नक्शे तैयार किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लिपिकों और अधिकारियों की मिलीभगत से शासन को लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है। इतना ही नहीं, इन गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को धमकाया जाता है और झूठे मामलों में फंसाने की चेतावनी दी जाती है।
नवीदोद्दीन सिद्दिकी ने जिलाधिकारी से मांग की कि वे स्वयं इस मामले में ध्यान देकर नगर परिषद के संबंधित लिपिकों व अधिकारियों की गहन जांच कराएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें।
इसके साथ ही माजलगांव तहसील अंतर्गत पुरवठा विभाग की निलंबित स्वस्त धान्य राशन दुकानों की भी जांच कर गरीब व जरूरतमंद नागरिकों को न्याय दिलाने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि दारिद्र्य रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे लोगों को शासन का स्वस्त धान्य कोटा उपलब्ध कराया जाए, पीएचएच योजना में डाटा एंट्री कर 12 अंकों का आरसी नंबर प्रदान किया जाए।
संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ संबंधित लोग गरीबों के राशन पर डाका डालकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई कर आम नागरिकों को न्याय दिया जाए। इन्हीं मांगों को लेकर महाराष्ट्र राज्य बांधकाम कामगार सेना संगठन का यह उपोषण बीड जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जारी है, जो आज दूसरे दिन में प्रवेश कर चुका है।