
अलीम इनामदार (मुंबई),
मुंबई–पुणे द्रुतगती महामार्ग के बोरघाट क्षेत्र में गैस टैंकर के दुर्घटनाग्रस्त होने से भारी यातायात जाम की स्थिति पैदा हो गई, जिससे वाहन चालकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस घटना की गंभीर दखल उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने ली है। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मुंबई–पुणे द्रुतगती महामार्ग हेतु विशेष आपातकालीन यातायात योजना तैयार करने के निर्देश एमएसआरडीसी और पुलिस को दिए हैं।
गैस टैंकर के पलटने से ज्वलनशील प्रोपिलीन गैस का रिसाव शुरू हो गया था, जिससे खतरा और बढ़ गया था तथा बड़े नुकसान की आशंका बन गई थी। इसी कारण यातायात का नियोजन करना अनिवार्य हो गया और द्रुतगती महामार्ग की यातायात व्यवस्था को पुराने राष्ट्रीय महामार्ग की ओर मोड़ना पड़ा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि एमएसआरडीसी और पुलिस ने करीब 20 घंटे तक अथक प्रयास कर गैस रिसाव पर काबू पाया।
इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए एमएसआरडीसी की ओर से बड़ी मात्रा में पीने का पानी और बिस्किट्स वितरित किए गए। साथ ही, यातायात व्यवस्था सामान्य होने तक टोल वसूली रोकने के भी निर्देश उपमुख्यमंत्री ने दिए।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि मुंबई–पुणे मिसिंग लिंक परियोजना अंतिम चरण में है और इसे शीघ्र पूरा कर जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश विभाग को दिए गए हैं। इस लिंक के शुरू होने से मुंबई–पुणे यात्रा का समय और दूरी दोनों कम होंगे, साथ ही ऐसी आपात स्थितियों में वैकल्पिक यातायात मार्ग भी उपलब्ध होगा। इस संबंध में उन्होंने एमएसआरडीसी और पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर एक समग्र आपातकालीन योजना तैयार करने के निर्देश दिए।